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हाल ही के समय NEET पेपर लीक मामले में जंतर मंतर प्रोटेस्ट हुआ। जिसमें बच्चों और लड़कियों पर बेरहमी से लाठीचार्ज और आंसू गैस चलाया गया। सरकार की इस बर्बरता के और जवाबदेही की कमी के कारण युवाओं और देश के लोगों में सरकार के खिलाफ बहुत गुस्सा है। साथ ही सरकार ने E20 पेट्रोल लागू कर दिया जिससे बहुत से लोगों को अपनी गाड़ियों में माइलेज कम और इंजन और फ्यूल पार्ट्स के खराब होने जैसी परेशानियां आ रही है। इसलिए E20 पर प्रोटेस्ट हो रहा है। क्या अब भाजपा सरकार गिरने वाली है। या 2029 के चुनाव में झेलना होगा नतीजा आइए जानतें हैं।

Neet प्रोटेस्ट जंतर-मंतर और नेता जी का इस्तीफा:

6 जून 2026 को जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक के लिए कॉकरोच जनता पार्टी CJP का प्रोटेस्ट शुरू हुआ। फिर 28 जून को देश के जाने माने साइंटिस्ट और इंजीनियर सोनम वांगचुक इस प्रोटेस्ट को अपना समर्थन देतें है और जंतर मंतर पर भूख हड़ताल शुरू करतें हैं। पर भूख हड़ताल के 20वे दिन 17 जुलाई को दिल्ली पुलिस और उनकी टीम सोनम वांगचुक जी को जबरदस्ती उठाकर सफदरजंग अस्पताल में ले जाते हैं। उस समय CJP के चीफ अभिजीत दीपके अपने दोस्त के घर गए होतें हैं। उन्हें भी वहां थोड़े देर के लिये हाउस अरेस्ट कर लिया जाता है। सरकार ने सोचा था कि, सोनम वांगचुक को उठाने के बाद ये प्रोटेस्ट शांत हो जाएगा पर सब उल्टा हो गया। उसके बाद जंतर मंतर में और भीड़ बढ़ गई।20 जुलाई को संसद मार्च के रूप में बहुत बड़ा प्रोटेस्ट हुआ जिसमें लाखों लोग आएं। पुलिस वालों ने लाठियों से लोगों के सिर फोड़े , लड़कियों के सेंसेटिव पार्ट्स पर भी लाठी से हमला किया गया कितने लोगों के हाथ पैर तोड़े भीड़ में एक्सपायर आंसू गैस के गोले तक छोड़े गए। पर पुलिस प्रोटेस्ट को रोक नहीं पाई ।
पेपर लीक सिर्फ एक बार नहीं बात नहीं है बार बार देश में पेपर लीक हो रहे हैं । एक गरीब आदमी जिसके पास कुछ नहीं है उसके पास एक ही ऑप्शन है कि पढ़ाई करके कुछ बनके अपनी गरीबी से बाहर निकले। पर एक अमीर आदमी जो अपने पैसे और पॉलिटिकल कनेक्शन के दम पर पेपर लीक करा कर गरीबों का हक मार रहा है। अंत में धर्मेंद्र प्रधान को मजबूरन इस्तीफा देना पड़ा और CJP की शर्तों को भी पूरा करने का वादा किया गया।

छात्रों और बच्चों पर लाठी चार्ज और आंसू गैस की बरसात लड़कियों को भी नहीं छोड़ा

20 जुलाई को जंतर मंतर से जब संसद मार्च के लिए प्रदर्शन में आए लोग निकले जिनमें स्कूल और कॉलेज के बच्चें थें पुलिस ने उनपर बेरहमी से लाठी चार्ज किया भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले तक छोड़े गए। जिनमें बहुत से लोगों को चोटें आई। लड़कियों को भी नहीछोड़ा गया। कुछ पुलिस वाले तो लाठी गलत जगह चला रहे थे। पुलिस वालों के वर्दी में नाम बेच भी नहीं लगा था और बहुत से लोग सिविल ड्रेस में भी लाठीचार्ज कर रहें थे। युवाओं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस फायरिंग का वीडियो पूरे देश भर में फैल गया है।

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भारत में पेट्रोल से खराब हो रहीं गाड़ियां आ रही परेशानियां

नेता जी ने इस्तीफा देने में थोड़ी देरी कर दी, युवाओं में है सरकार के खिलाफ गुस्सा:

NEET पेपर लीक के बाद CBSE के परीक्षा में भी गड़बड़ी पाई गई। सिस्टम और सरकार में जवाबदेही की कमी के चलते प्रदर्शनकारियों ने कड़ी जांच की मांग की। देश के बहुत सम्मानित वैज्ञानिक सोनम वांगचुक जी ने लगातार 25 दिनों से भी ज्यादा दिन तक भूख हड़ताल किया। उनके साथ और भी छात्र भुख हड़ताल पर बैठे थे । पर सरकार की इस अनदेखी के चलते प्रोटेस्ट करने वाले लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगा। पर नेता जी को अपनी कुर्सी बहुत प्यारी थी। उन्होंने बहुत देरी से इस्तीफा दिया। इससे युवाओं में और गुस्सा फैल गया है अब लोग भाजपा सरकार को नापसंद करते दिखाई दे रहें हैं।

E20 पेट्रोल पर जनता की नाराज़गी और प्रोटेस्ट:

E20 पेट्रोल 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण है। जिसे शुद्ध पेट्रोल के अल्टरनेटिव के तौर पर लागू किया गया। पर आम जनता इससे बहुत नाराज दिखाई पड़ रही है क्योंकि एथेनॉल पेट्रोल से सस्ता होने के बावजूद E 20 पेट्रोल पुराने दाम में ही मिल रहा ऊपर से माइलेज की कमी और इंजन पार्ट्स खराब होने वाली परेशानियां अलग से आ रही हैं। अगर आपको 100% शुद्ध पेट्रोल डलवाना है तो उसका दाम डेढ़ गुने से भी ज्यादा है। और वो सभी फ्यूल स्टेशनों में उपलब्ध नहीं है। पुराने वाहनों में माइलेज कम होने और इंजन के प्रदर्शन और रखरखाव की लागत बढ़ने की चिंता है। हाल के दिनों में दिल्ली में E20 नीति के खिलाफ मार्च और प्रदर्शन हुए जिसमें कई वाहन मालिकों, टैक्सी यूनियनों और कुछ राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया उनका कहना है कि, E20 के साथ-साथ 100% पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध रहे।

E20 पेट्रोल से आपके बाइक और कार पर असर:

E20 पेट्रोल का कार और बाइक पर असर इस बात पर टिका है कि आपका वाहन E20-compatible है या नहीं। यदि पुरानी गाड़ियों की बात की जाए, तो कुछ पुराने मॉडल्स में E20 डलवाने से माइलेज में 5-7% तक की गिरावट आ सकती है, हालांकि यह हर गाड़ी के लिए एक जैसा नहीं होगा। 2016 से पहले की BS-3 गाड़ियों में कुछ रबर पार्ट्स बदलवाने की आवश्यकता पड़ सकती है। अधिकांश पुरानी गाड़ियाँ E20 पेट्रोल पर चल तो सकती हैं और इसमें तुरंत कोई दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन बहुत लंबे समय के इस्तेमाल के बाद पार्ट्स बदलने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। जो गाड़ियाँ काफी पुरानी हैं और 10 से 15 साल से अधिक समय की हैं, वे E20 के लिए नहीं बनी हैं; इनमें रबर पार्ट्स, फ्यूल पाइप और फ्यूल पंप जल्दी खराब होने का डर रहता है। लंबे समय तक E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से जंग और लीकेज की समस्या भी हो सकती है। आप अपनी गाड़ी में E20 पेट्रोल का उपयोग कर सकते हैं या नहीं, यह आपके वाहन के मॉडल और निर्माण वर्ष पर निर्भर करता है। यदि आपकी गाड़ी E20 के अनुकूल बनी है, तो आप इसे बिना किसी हिचकिचाहट के डलवा सकते हैं, परंतु अगर गाड़ी 10 साल से अधिक पुरानी है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। पुरानी गाड़ियों में एथेनॉल-रेज़िस्टेंट फ्यूल होज़ और सील का उपयोग करने से कुछ जोखिमों को कम किया जा सकता है।

E20 पेट्रोल और सामान्य पेट्रोल में क्या है बेहतर ?

E20 पेट्रोल और सामान्य पेट्रोल में बेहतर विकल्प की बात करें तो यह बहुत से चीजों जैसे आपके गाड़ी का मॉडल और निर्माण वर्ष, कार्बन उत्सर्जन माइलेज, इंजन परफॉर्मेंस और रखरखाव और फ्यूल की कीमत पर निर्भर करता है। अगर आपकी गाड़ी का मॉडल E20 के हिसाब से बना है और 2023 से बाद का मॉडल है तो E20 एक सुरक्षित विकल्प है। पर अगर आपकी गाड़ी BS3 या उससे भी पुराने मॉडल का है तो E20 में आपकी गाड़ी चल तो जाएगी पर पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल से माइलेज की कमी परफॉर्मेंस में कमी और इंजन और फ्यूल पार्ट्स में परेशानियां आ सकती हैं। लंबे समय तक एथेनॉल के संपर्क में रहने से फ्यूल टैंक पर जंग भी लग सकता है ।इसलिए नॉर्मल पेट्रोल आपके लिए ज्यादा बेहतर विकल्प है। बात करें फ्यूल की कीमत की तो उसमें E20 बेहतर विकल्प हैं क्योंकि जहां E20 100 रुपए प्रति लीटर के आस पास मिल रही वहीं 100% शुद्ध पेट्रोल 160 रुपए प्रति लीटर से भी ज्यादा महंगा मिल रहा है। कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरण के लिए भी E20 बेहतर विकल्प है क्योंकि एथेनॉल जलने पर नॉर्मल पेट्रोल से कम हानिकर गैसे और प्रदूषण है। अगर निष्कर्ष की बात करें तो अगर आपकी गाड़ी E 20 के लिए बनी है तो आपके लिये E 20 बेहतर है। और अगर आपकी गाड़ी पुरानी है या E 20 के लिए नहीं बनी तो नॉर्मल पेट्रोल बेहतर है।

युवाओं का बढ़ता गुस्सा: बेरोजगारी, पेपर लीक और भविष्य की चिंता क्या गिर जाएगी BJP सरकार?

जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और E20 पेट्रोल जैसे मुद्दों पर हो रहे प्रदर्शनों को देखकर यह सोचना सामान्य है कि क्या इससे केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा। क्योंकि अभी लागों में सरकारी नीतियों और भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों के कारण लोगों में सरकार के खिलाफ बहुत गुस्सा और आक्रोश है।हालांकि, किसी भी सरकार के भविष्य का फैसला सिर्फ प्रदर्शनों से नहीं किया जा सकता। भारत में केंद्र सरकार तब तक टिकी रहती है जब तक उसके पास लोकसभा में बहुमत है। सिर्फ विरोध प्रदर्शनों से सरकार नहीं गिरती। BJP को कई क्षेत्रीय और छोटी-बड़ी पार्टियों का समर्थन प्राप्त है, जैसे बिहार में JDU और LJP, और आंध्र प्रदेश में TDP और पवन कल्याण की जन सेना पार्टी। ये सभी पार्टियां मिलकर NDA गठबंधन बनाती हैं। सरकार को केंद्र से हटाने के लिए जरूरी है कि उसकी पार्टी या गठबंधन के पास लोकसभा में बहुमत न रहे। अगर सहयोगी दल समर्थन वापस ले लें, तो सरकार गिर सकती है, या फिर अविश्वास प्रस्ताव पास होने पर भी सरकार गिर सकती है। जहाँ तक 2029 के चुनावों की बात है, तो भविष्य में क्या होगा यह अभी कहना मुश्किल है।

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